धूप निकले और बरसात ना रहे क्या पता कल को ऐसे हालात न रहे
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3 Lượt xem Premium23/08/2026
मुझे एक शायरी बनाई है जिसमें यह लिखा है कि धूप निकले और बरसात ना रहे क्या पता चल को मेरे से हालात न रहे आज सस्ता हूं तो खरीद लो मुझको क्या पता चल को तुम्हारी औकात ना रहे यह शायरी है
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मुझे एक शायरी बनाई है जिसमें यह लिखा है कि धूप निकले और बरसात ना रहे क्या पता चल को मेरे से हालात न रहे आज सस्ता हूं तो खरीद लो मुझको क्या पता चल को तुम्हारी औकात ना रहे यह शायरी है